अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्रियों और समर्थकों का दो दिनों का धरना मंगलवार शाम को खत्म हो गया। लेकिन केजरीवाल
ने धरना अपनी मांग पूरी हुए बिना ही खत्म कर दिया। केजरीवाल के धरना खत्म
होने की असली वजह कुछ और मानी जा रही है। इस धरने को लेकर खुद को अराजक
कहने वाले केजरीवाल, उनकी सरकार और पार्टी की जमकर आलोचना हो
रही है। केजरीवाल ने सबसे पहले दिल्ली के कुछ पुलिसवालों को सस्पेंड करनी
की मांग की थी। लेकिन बाद में उन्होंने इसमें ढील देते हुए कहा कि इन
पुलिसवालों का तबादला कर दिया जाए। लेकिन केंद्र सरकार ने इनमें से कोई भी
मांग नहीं मानी। मंगलवार को दिल्ली के मालवीय नगर थाने के एसएचओ और
पहाड़गंज पीसीआर वैन के इंचार्ज को छुट्टी पर भेजते ही अरविंद केजरीवाल ने धरना खत्म कर दिया। केजरीवाल ने धरना खत्म होने पर कहा,
'लेफ्टिनेंट गवर्नर साहब ने हमारी मांगें आंशिक रूप से मान ली हैं। यह
दिल्ली की जनता की बहुत बड़ी जीत है। दिल्ली के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा
हासिल करने की दिशा में यह पहला कदम है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार
वचनबद्ध है।'

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